| Title: | Main Shunya Kewal Shiv |
| Mood: | Devotional |
| Genre: | Hindi Bhakti Song |
| Release Date: | 03 January 2026 |
| Lyrics: | Puneet K. S. Patpatia |
| Composition: | Puneet K. S. Patpatia |
| Design: | Puneet K. S. Patpatia |
| Credits: | AIStudio-Music |
📓 Lyrics – Main Shunya Kewal Shiv (Hindi)
मैं था मैं हूँ ये भ्रम था मेरा
नाम रूप में उलझा फेरा
जब ध्यान में तेरा स्पर्श हुआ
सब टूट गया मैं बिखर गया
श्वास श्वास में नाद गूँजा
ॐ की लहरों में खो गया
जो खोज रहा था बाहर तुझको
आज भीतर ही मिल गया
शिव मुझमें विलीन हुए
मैं शून्य में ढलता जाता हूँ
ना मैं हूँ ना मेरा कुछ
बस शिव ही शेष रह जाता हूँ
ना जन्म है ना मृत्यु है
ना हार ना कोई जीत
जहाँ अहंकार जल जाए पूरा
वहीं शिव की होती प्रीत
भस्म रमाई देह पर तूने
सिखाया क्या है सत्य यहाँ
जो मिटने को तैयार हुआ
वही अमर हुआ इस क्षण वहाँ
डमरू की हर थाप कहे
समय भी तुझसे डरता है
जो काल का भी स्वामी हो
वो भोला क्यों कहलाता है
शिव मुझमें विलीन हुए
मैं शून्य में ढलता जाता हूँ
जिस दिन मैं का अंत हुआ
उस दिन शिव को पाता हूँ
ना मैं साधक ना साधना
ना मंदिर ना कोई द्वार
जो छोड़ दिया सब पाने को
वही बैठा शिव के पार
तू वैराग्य है तू रौद्र है
तू करुणा की भी सीमा है
जो तुझसे डर जाए जग सारा
तू भक्तों का ही भीमा है
त्रिनेत्र खुले तो सत्य जले
झूठ की राख उड़ा जाए
जो शरण तुझे मन से लाए
वो खुद को ही भूल जाए
शिव मुझमें नहीं
अब मैं ही शिव हो रहा हूँ
नाम देह सब छूट चुके
मैं शून्य में स्थिर हो रहा हूँ
हर श्वास बोले ॐ नमः शिवाय
हर धड़कन शिव गान
जहाँ मैं समाप्त हो जाता हूँ
वहीं होता है महाकाल का ध्यान
Original song, lyrics and concept by AIStudio-Music.
“Main Shunya Kewal Shiv” is a soulful devotional Hindi song by AIStudio-Music that takes you on a meditative journey from illusion to realization — where ego dissolves and only Shiva remains. A deeply spiritual song expressing the essence of advaita and divine surrender.
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